Movie/Album: कागज़ (2021)
Music By: राहुल जैन
Lyrics By: असीम अहमद अब्बासी
Performed By: राहुल जैन, सलमान खान
कुछ नहीं है मगर है सब कुछ भी
क्या अजब चीज़ है ये कागज़ भी
बारिशों में है नाव कागज़ की
सर्दियाँ में अलाव कागज़ की
आसमान में पतंग कागज की
सारी दुनिया में जंग कागज़ की
कभी अख़बार कभी ख़त कागज़
रोज़मर्रा की ज़रूरी कागज़
आने जाने की सहूलत काग़ज़
जीने मरने की इजाज़त कागज़
प्यार की चिट्ठियाँ भी कागज़ की
काम की अर्ज़ियाँ भी कागज की
जश्न में झंडियाँ भी कागज की
जिस्म की मंडियाँ भी कागज़ की
बने नातों का भी गवाह कागज़
कहीं शादी कहीं निकाह काग़ज़
कहीं तलाक का गुनाह कागज़
बनाए और करे तबाह कागज़
नोट कागज़ किताब है कागज़
सबकी आँखों का ख्वाब है कागज़
मज़हबों का हिसाब है कागज़
रहम कागज़ अज़ाब है कागज़
छीने ले खेत घर ज़मीं काग़ज़
पूछे आँखों की भी नमी कागज़
हर जगह यूँ है लाज़मी कागज़
जैसे घर का है आदमी कागज़
कुछ नहीं है मगर है सब कुछ भी
क्या अजब चीज़ है ये कागज़ भी
from Lyrics In Hindi - लफ़्ज़ों का खेल https://hindilyricspratik.blogspot.com/2026/03/poetry-of-kaagaz-rahul-jain-salman-khan.html
Music By: राहुल जैन
Lyrics By: असीम अहमद अब्बासी
Performed By: राहुल जैन, सलमान खान
कुछ नहीं है मगर है सब कुछ भी
क्या अजब चीज़ है ये कागज़ भी
बारिशों में है नाव कागज़ की
सर्दियाँ में अलाव कागज़ की
आसमान में पतंग कागज की
सारी दुनिया में जंग कागज़ की
कभी अख़बार कभी ख़त कागज़
रोज़मर्रा की ज़रूरी कागज़
आने जाने की सहूलत काग़ज़
जीने मरने की इजाज़त कागज़
प्यार की चिट्ठियाँ भी कागज़ की
काम की अर्ज़ियाँ भी कागज की
जश्न में झंडियाँ भी कागज की
जिस्म की मंडियाँ भी कागज़ की
बने नातों का भी गवाह कागज़
कहीं शादी कहीं निकाह काग़ज़
कहीं तलाक का गुनाह कागज़
बनाए और करे तबाह कागज़
नोट कागज़ किताब है कागज़
सबकी आँखों का ख्वाब है कागज़
मज़हबों का हिसाब है कागज़
रहम कागज़ अज़ाब है कागज़
छीने ले खेत घर ज़मीं काग़ज़
पूछे आँखों की भी नमी कागज़
हर जगह यूँ है लाज़मी कागज़
जैसे घर का है आदमी कागज़
कुछ नहीं है मगर है सब कुछ भी
क्या अजब चीज़ है ये कागज़ भी
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