Movie/Album: ग़ज़ल (1989)
Music By: जॉली मुखर्जी
Lyrics By: मुमताज़ राशिद
Performed By: हरिहरन
बहुत उदास फ़ज़ा है शराब दे साक़ी
वो मुझको छोड़ गया है शराब दे साक़ी
बहुत उदास फ़ज़ा है...
कोई भी ज़ख़्म हो भरने में वक़्त लगता है
अभी ये दर्द नया है, शराब दे साक़ी
वो मुझ को छोड़...
भुला सकेंगे ग़मों को न होश में रह कर
ये ज़िन्दगी तो सज़ा है, शराब दे साक़ी
वो मुझ को छोड़...
किसी को ग़म का नशा है, किसी को दौलत का
ये ज़हर सब ने पिया है, शराब दे साक़ी
वो मुझ को छोड़...
from Lyrics In Hindi - लफ़्ज़ों का खेल https://hindilyricspratik.blogspot.com/2026/07/bahut-udas-faza-hariharan-ghazal.html
Music By: जॉली मुखर्जी
Lyrics By: मुमताज़ राशिद
Performed By: हरिहरन
बहुत उदास फ़ज़ा है शराब दे साक़ी
वो मुझको छोड़ गया है शराब दे साक़ी
बहुत उदास फ़ज़ा है...
कोई भी ज़ख़्म हो भरने में वक़्त लगता है
अभी ये दर्द नया है, शराब दे साक़ी
वो मुझ को छोड़...
भुला सकेंगे ग़मों को न होश में रह कर
ये ज़िन्दगी तो सज़ा है, शराब दे साक़ी
वो मुझ को छोड़...
किसी को ग़म का नशा है, किसी को दौलत का
ये ज़हर सब ने पिया है, शराब दे साक़ी
वो मुझ को छोड़...
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