Movie/Album: सूरज पे मंगल भारी (2020)
Music By: जावेद-मोहसिन
Lyrics By: दानिश साबरी
Performed By: पायल देव, दानिश साबरी
ओ मेरे वीरू की जान फँसी है
गब्बर की भयानक हँसी है
ओ मेरे वीरू की जान फँसी है
गब्बर की भयानक हँसी है
मैं तो तोड़ दूँगी पायल
हो जाऊँगी घायल
चाहे पैरों में चुभ जाए काँच
बसंती आज, बसंती आज
बसंती आज कुत्तों के सामने न नाच
बसंती आज, बसंती आज
बसंती आज कुत्तों के सामने न नाच
तू देखे मेरी ओर तुझको कोई और
ज़ुल्मी नज़र से देखता है
बन के डियर मेरा, देखे फिगर मेरा
अँखियों को तू सेकता है
डांस ऐसा करुँगी, रोके से ना रुकूँगी
चाहे सुबह के बज जाये पाँच
बसंती आज...
ओ मेरे वीरू की जान फँसी है...
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Music By: जावेद-मोहसिन
Lyrics By: दानिश साबरी
Performed By: पायल देव, दानिश साबरी
ओ मेरे वीरू की जान फँसी है
गब्बर की भयानक हँसी है
ओ मेरे वीरू की जान फँसी है
गब्बर की भयानक हँसी है
मैं तो तोड़ दूँगी पायल
हो जाऊँगी घायल
चाहे पैरों में चुभ जाए काँच
बसंती आज, बसंती आज
बसंती आज कुत्तों के सामने न नाच
बसंती आज, बसंती आज
बसंती आज कुत्तों के सामने न नाच
तू देखे मेरी ओर तुझको कोई और
ज़ुल्मी नज़र से देखता है
बन के डियर मेरा, देखे फिगर मेरा
अँखियों को तू सेकता है
डांस ऐसा करुँगी, रोके से ना रुकूँगी
चाहे सुबह के बज जाये पाँच
बसंती आज...
ओ मेरे वीरू की जान फँसी है...
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